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मन की शक्ति
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मन की शक्ति के रहस्यों से बनाएं अपना भविष्य उज्जवल और प्राप्त करें असीम सफलता!

क्या आप जानते हैं मन की शक्ति से आप किस तरह असीम सफलता प्राप्त कर सकते हैं? जानिए रहस्य………..

मन की शक्ति (psycho cybernetics) एक आत्म-सहायता (Self help) पुस्तक है जिसे अमेरिकी लेखक मैक्सवेल माल्ट्ज ने 1960 में लिखा था। इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति के आत्म-संज्ञान Self-cognition) को नियंत्रित करना है, और इसे अपने लक्ष्यों तक पहुँचाने में सहायक होने वाले मार्गदर्शन प्रदान करना है। माल्ट्ज ने इस पुस्तक के माध्यम से यह बात साबित की कि आत्म-साकार (Self Realization) के माध्यम से और भी सकारात्मक लक्ष्यों की प्राप्ति की जा सकती है।

मन की शक्ति (psycho cybernetics) का मुख्य ध्येय है कि व्यक्ति कैसे अपने आत्म-संज्ञान (Self-cognition)  को सुधारकर अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है। इस पुस्तक में व्यक्ति को अपने मानसिक स्थिति को सकारात्मक रूप में परिवर्तित करने के लिए विभिन्न तकनीकों का वर्णन किया गया है, जिसमें स्व-अभिवादन (Self-salutation) और मानसिक दृश्यकल्पना (Mental visualization) के महत्व को बढ़ावा दिया गया है। माल्ट्ज ने यहां उल्लेख किया है कि व्यक्ति की बाह्य (outer) सफलता कभी उसके आंतरिक(inner) लक्ष्य से ऊपर नहीं उठ सकती है। इसलिए, इस पुस्तक के माध्यम से, वह व्यक्ति को उसके आंतरिक धारणाओं की दिशा में ध्यान देने की आवश्यकता को महत्वपूर्ण मानते हैं।

Psycho-Cybernetics summary in Hindi:

मन की शक्ति पुस्तक का पहला अध्याय “आत्म छवि – सीमारहित जीवन की कुंजी”

इस अध्याय में लेखक मैक्सवेल माल्ट्ज़ ने आत्म छवि (Self Image) की अवधारणा की व्याख्या की है। आत्म छवि वह मान्यताएँ और धारणाएँ होती हैं जो हम स्वयं के बारे में रखते हैं। यही आत्म छवि हमारे व्यवहार, कौशल और जीवन की गुणवत्ता को निर्धारित करती है।

हमारी आत्म छवि ही वास्तव में हमारी सफलता और असफलता का निर्धारक होती है। एक सकारात्मक आत्म छवि (Self-image ) होने से हम अपनी क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल कर सकते हैं और जीवन में नए आयाम स्थापित कर सकते हैं। इसलिए, सकारात्मक आत्म छवि (Positive Self Image) विकसित करना बेहद ज़रूरी है।

यह अध्याय आत्म छवि को सीमारहित जीवन जीने की कुंजी मानता है। एक सकारात्मक आत्म छवि के साथ हम अपनी कल्पनाशीलता और संभावनाओं की कोई सीमा नहीं रख सकते।

मन की शक्ति पुस्तक के पहले अध्याय में आत्म छवि के महत्व को समझाने के लिए लेखक ने विलियम जेम्स का उदाहरण दिया है।

विलियम जेम्स मनोविज्ञान के एक प्रसिद्ध विद्वान थे। एक बार वे अपनी कक्षा में खड़े हुए और अपने विद्यार्थियों से बोले- “मुझे लगता है कि मेरे पास एक बिल्ली है।”फिर उन्होंने अपनी मेज़ के नीचे झुक कर देखा, जैसे कि वास्तव में वहां बिल्ली हो। इसके बाद उन्होंने बिल्ली को बुलाने और उसके साथ खेलने का प्रयास किया। यद्यपि वहां कोई बिल्ली नहीं थी, पर उनका व्यवहार ऐसा लग रहा था जैसे सच में बिल्ली मौजूद हो। अंत में जब उन्होंने बिल्ली को अलविदा कहा, तो सारे विद्यार्थी हंसने लगे।

इस उदाहरण से स्पष्ट है कि हमारा व्यवहार हमारी आत्म छवि या अपने बारे में धारणाओं से निर्धारित होता है, चाहे वे वास्तविक हों या काल्पनिक। इसलिए सकारात्मक आत्म छवि बनाए रखना महत्वपूर्ण है।

मन की शक्ति पुस्तक का दूसराअध्याय “अपने भीतर के स्वचालित सफलता मेकेनिज़्म को कैसे जाग्रत करें”

इस अध्याय में लेखक बताते हैं कि हर इंसान के अंदर एक स्वचालित सफलता मेकेनिज़्म (Automated Success Mechanisms) होता है जो उसे अपने लक्ष्यों (goals)की ओर अग्रसर करता है। यह मेकेनिज़्म स्वयं-निशाना लगाने वाली मिसाइल की तरह काम करता है। जैसे मिसाइल को एक बार लक्ष्य दे दिया जाए तो वह स्वयं ही उस लक्ष्य तक पहुंच जाती है, ठीक वैसे ही हमारा दिमाग़ भी लक्ष्य की ओर अग्रसर करने में सक्षम होता है।

इस मेकेनिज़्म को सक्रिय करने का सबसे बड़ा उदाहरण थॉमस एडिसन का है। वह कई वर्षों तक बिजली के बल्ब का आविष्कार करने में असफल रहे। लेकिन एक बार जब उन्होंने अपने मन में बल्ब की रोशनी की कल्पना की, तो उनका स्वचालित सफलता मेकेनिज़्म सक्रिय हो गया और उन्हें आविष्कार करने में मदद की।

इसी तरह हम भी अपने लक्ष्यों की स्पष्ट छवियां अपने मन में बनाकर अपना सफलता मेकेनिज़्म जागृत कर सकते हैं।

मन की शक्ति पुस्तक का तीसराअध्याय “कल्पना – आपके स्वचालित सफलता मेकेनिज्म को चालू करने वाली चाबी”

लेखक कल्पना शक्ति को सफलता का सबसे बड़ा हथियार बताते हैं। वे कहते हैं कि कल्पना एक ऐसी शक्ति है जो हमारे भीतर के स्वचालित सफलता मेकेनिज्म को सक्रिय करने में मदद करती है।

जब हम किसी लक्ष्य की स्पष्ट छवि अपने दिमाग़ में बनाते हैं, तो हमारा मस्तिष्क उसे साकार करने की दिशा में काम करना शुरू कर देता है। ठीक वैसे ही जैसे कम्प्यूटर किसी इनपुट के आधार पर आउटपुट देता है।

इसे समझाने के लिए लेखक ने विज्ञान कथा लेखक जूल वर्न का एक उदाहरण दिया है। जूल वर्न ने अपनी किताबों में अंतरिक्ष यात्राओं के बारे में पहले ही लिख दिया था, जबकि वास्तव में ये घटनाएँ कई वर्षों बाद हुईं। यह उनकी कल्पना शक्ति की वजह से संभव हुआ।

मन की शक्ति पुस्तक का चौथा अध्याय “झूठे विश्वासों के सम्मोहन को कैसे तोड़ें”

लेखक बताते हैं कि कई बार हम खुद के बारे में कुछ झूठे या नकारात्मक विश्वास रखते हैं जो हमारी प्रगति में रोड़ा अटकाते हैं। ये विश्वास एक तरह के सम्मोहन की तरह काम करते हैं। इन झूठे विश्वासों को तोड़ने का एक तरीका यह है कि खुद से इन पर सवाल उठाएँ और तर्कसंगत(logical) तरीके से इनकी पड़ताल करें।

मन की शक्ति पुस्तक का पांचवा अध्याय “तार्किक सोच की शक्ति के सहारे कैसे सफल हों”

इस अध्याय में, लेखक बताते हैं कि(logical) और विवेकपूर्ण सोच (Discursive thinking )की शक्ति से हम अपने मन में बैठे हुए गलत धारणाओं और नकारात्मक विश्वासों को तोड़ सकते हैं।

यह समझाने के लिए पुस्तक में डेविड का उदाहरण है जो किसी प्रकार की चोट या बीमारी से डरता था। उसने अपने भय का तार्किक विश्लेषण किया और यह निष्कर्ष निकाला कि उसका ये डर बेबुनियाद है। इस तरह तार्किक सोच ने उसे अपने डर से मुक्ति दिलाई।

इसी तरह से तर्कसंगत सोच द्वारा हम अपने अन्य नकारात्मक विश्वासों को भी तोड़ सकते हैं।

मन की शक्ति पुस्तक का छठा अध्याय “तार्किक किस तरह शांत बने रहें और अपने स्वचालित सफलता मेकेनिज्म को अपने लिए कार्य करने दें”

इस अध्याय में लेखक बताते हैं कि हमारे अंदर एक स्वचालित सफलता मेकेनिज्म होता है जो हमें सफलता की ओर ले जाने का काम करता है। लेकिन इस मेकेनिज्म को अच्छी तरह से काम करने के लिए हमें शांत और तनाव मुक्त अवस्था में रहना होगा। बहुत ज्यादा चिंता और तनाव इस मेकेनिज्म को बाधित कर देते हैं।  इसलिए हमें किसी भी स्थिति में शांतचित्त बने रहने का अभ्यास करना चाहिए और अपने स्वचालित मेकेनिज्म पर भरोसा रखना चाहिए। यही मेकेनिज्म हमें सही रास्ते पर ले जाएगा। हमें बस इसे अपना काम करने देना है।

मन की शक्ति पुस्तक का सातवां अध्याय “आप खुशी की आदत डाल सकते हैं”

इस अध्याय में लेखक कहते हैं कि खुशी एक आदत है, इसे सीखा जा सकता है। हम जिस तरह की सोच अपनाते हैं, उसी पर हमारी खुशी निर्भर करती है।  नकारात्मक सोच उदासी लाती है, सकारात्मक सोच खुशी लाती है। हमें अपनी सोच, मान्यताएँ और क्रियाएँ जान-बूझकर सकारात्मक बनाने का प्रयास करना चाहिए। छोटी-छोटी ख़ुशियों को महसूस करें, उन्हें सराहें, धन्यवाद दें। इस तरह खुशी की सकारात्मक आदत डालें और जीवन का आनंद उठाएँ।

यहाँ मुख्य संदेश यह है कि खुशी एक चयन है, इसे हम विकसित कर सकते हैं।

मन की शक्ति पुस्तक का आठवां अध्याय “सफल व्यक्ति के गुण और उन्हें कैसे हासिल किया जाए”

इस अध्याय में लेखक ने सफल लोगों में पाए जाने वाले 12 गुणों का उल्लेख किया है जैसे – लक्ष्य निर्धारण, दृढ़ संकल्प, क्रियाशीलता आदि। ये गुण सफलता के लिए बहुत ज़रूरी हैं और इन्हें विकसित किया जा सकता है। हमें अपने व्यवहार, मानसिकता और कार्यों का विश्लेषण करना चाहिए। अपनी कमियों और विकास के क्षेत्रों की पहचान करें। फिर इन गुणों पर काम करें और उन्हें अपनाएँ। इस तरह सफलता की ओर बढ़ें।

मन की शक्ति पुस्तक के आठवें अध्याय में सफल व्यक्ति के गुणों को समझाने के लिए लेखक ने टेड का उदाहरण दिया है:

टेड एक सामान्य से व्यक्ति था। वह अपने काम से संतुष्ट नहीं था और अपने करियर में आगे बढ़ना चाहता था।लेकिन वह बस शिकायत करता रहता और कोई कदम नहीं उठाता। फिर एक दिन उसने 12 गुणों पर विचार किया और अपने आप का विश्लेषण किया।उसने पाया कि उसमें से कई गुण जैसे सकारात्मक सोच, दृढ़ संकल्प आदि कमजोर हैं। उसने इन पर काम करना शुरू किया।कुछ समय बाद, टेड को प्रमोशन मिला और वह अपने काम से संतुष्ट होने लगा। यह सफल लोगों के गुणों को अपनाने से हुआ।

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मन की शक्ति पुस्तक का नौवां अध्याय “अपने स्वचालित असफलता मेकेनिज्म को संयोगवश सक्रिय करने से कैसे बचें”

लेखक बताते हैं कि कई बार हमारा मन असफल होने की स्थितियाँ या कारण खोजने लगता है। यह एक असफलता मेकेनिज्म होता है जो हमें नीचे खींचता है। अकसर कोई छोटी सी घटना या संयोग इस असफलता मेकेनिज्म को सक्रिय कर देता है। हमें सकारात्मक रहना होगा और इन संयोगों को असफलता का कारण नहीं बनने देना है। हर समस्या को हल करने का रास्ता होता है, हमें उसे खोजना है। इस प्रकार अपने अंदर के नकारात्मक मेकेनिज्म से बचें।

मन की शक्ति पुस्तक के नौवें अध्याय में असफलता मेकेनिज्म को संयोग से सक्रिय होने से बचाने को समझाने के लिए लेखक ने जॉन की कहानी का उल्लेख किया है:

जॉन ने हाल ही में एक नई नौकरी शुरू की थी। उसका काम अच्छा चल रहा था। एक दिन अचानक से उसका कंप्यूटर क्रैश हो गया और काम रुक गया। जॉन परेशान होने लगा और सोचने लगा कि शायद यह नौकरी उसके लिए उपयुक्त नहीं है। लेकिन फिर उसने अपने विचारों पर काबू पाया और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया। उसने कंप्यूटर की समस्या को ठीक करवाया और अगले दिन से काम पूरी तरह सामान्य हो गया।

इससे सीख यह कि हमें संयोगवश उत्पन्न छोटी समस्याओं को असफलता नहीं मानना चाहिए। सकारात्मक दृष्टिकोण से सब कुछ ठीक हो सकता है।

मन की शक्ति पुस्तक का दसवां अध्याय “भावनात्मक निशान कैसे हटाएँ और भावनात्मक सुंदरता कैसे पाएँ”

बचपन की कुछ घटनाएं हमारी भावनात्मक स्थिति पर गहरा प्रभाव डालती हैं।वे हमारे मन पर एक तरह के निशान छोड़ जाती हैं, जो हमारे व्यक्तित्व को प्रभावित करते हैं।  हमें इन भावनात्मक निशानों और उनके कारणों को समझना होगा। फिर सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्म विश्वास से इन निशानों को मिटाना होगा। इससे हमारा व्यक्तित्व और रिश्ते भावनात्मक रूप से स्वस्थ और सुंदर बनेंगे।

मन की शक्ति पुस्तक का ग्यारहवां अध्याय “अपने सच्चे व्यक्तित्व का ताला कैसे खोलें”

इस अध्याय में लेखक कहते हैं कि हमारे असली व्यक्तित्व को कई ताले लगे हुए हैं। ये ताले हैं – डर, झिझक, नकारात्मक सोच, निम्न आत्म-बोध आदि।  इन्हें हटाकर ही हम अपना वास्तविक स्वरूप पा सकते हैं और अपनी क्षमता का पूरा इस्तेमाल कर सकते हैं। हमें अपने डरों से मुकाबला करना होगा और नए अनुभव हासिल करने होंगे। धीरे-धीरे ये ताले टूटेंगे और सच्चा स्वयं बाहर आएगा। इससे हम खुशहाल जीवन जी सकते हैं।

मन की शक्ति पुस्तक का बारहवां अध्याय “स्वयं आजमाकर देखने वाले ऐसे तनावनाशक जो मानसिक शांति लाते हैं”

इस अध्याय में लेखक बताते हैं कि तनाव और चिंता से छुटकारा पाने के लिए हमें कृत्रिम औषधियों की आवश्यकता नहीं है। हम स्वयं ही कुछ आजमाकर देखने वाले तनावनाशक ढूंढ सकते हैं जो मानसिक शांति प्रदान करते हैं।  इनमें ध्यान, योग, सकारात्मक सोच, सही आहार, व्यायाम आदि शामिल हैं। ये सब हमारे शरीर और मन को शांति महसूस कराते हैं और तनाव से राहत दिलाते हैं। हमें इन प्राकृतिक तनावनाशकों को अपनाना चाहिए।

मन की शक्ति पुस्तक का तेरहवां अध्याय”संकट को सृजनात्मक अवसर में कैसे बदलें”

लेखक कहते हैं कि सफल लोग संकट को चुनौती और विकास का अवसर मानते हैं। हर समस्या का हल होता है, हमें उसे खोजना है। सकारात्मक दृष्टिकोण से सोचना चाहिए। संकट के पीछे छिपी चुनौतियों को स्वीकार करते हुए उनसे लड़ना चाहिए। इससे हम मजबूत बनेंगे और नए अनुभव सीखेंगे। यह हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा। असफलताओं से निराश नहीं होना चाहिए। उन्हें सीख लेना चाहिए और फिर प्रयास जारी रखना चाहिए। इस तरह संकट को सृजनात्मक अवसर में बदला जा सकता है।

मन की शक्ति पुस्तक का चौदहवां अध्याय”उस विजयी भावना को कैसे पाएँ और कायम रखें”

विजयी भावना विकसित करने के लिए हमें अपने मन पर काबू पाना होगा। सकारात्मक दृष्टिकोण, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प से विजयी भावना को मजबूत किया जा सकता है।  सफलता की यादें दोहराना, प्रेरणादायक कथाएँ पढ़ना भी लाभदायक है। किसी भी हालत में हार मानने का विचार नहीं लाना चाहिए। यह विजयी मानसिकता बनाए रखने में मदद करेगा और सफलता दिलाएगा।

मन की शक्ति का पंद्रहवां अध्याय”जीवन में अधिक वर्ष और वर्षों में अधिक जीवन”

इस अध्याय में लेखक ने बताया है कि जीवन की गुणवत्ता और मात्रा (Quality and quantity of life )दोनों महत्वपूर्ण हैं। केवल लंबा जीवन जीना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस लंबे जीवन को गुणवत्तापूर्ण (Quality)भी बनाना ज़रूरी है। लेखक का मानना है कि व्यक्ति चाहे कितनी भी उम्र तक जिए, उसके पास वर्षों की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण उसके जीवन की गुणवत्ता है। गुणवत्तापूर्ण जीवन जीने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण, स्वस्थ आहार और व्यायाम तथा मानसिक शांति आवश्यक है।

इस प्रकार, लेखक ने सुझाव दिया है कि हमें अपने जीवन को गुणवत्तापूर्ण और अर्थपूर्ण बनाने का प्रयास करना चाहिए, भले ही हमारी आयु कितनी भी क्यों न हो।

मन की शक्ति का सोलहवां अध्याय

यहां प्रस्तुत कुछ वास्तविक कहानियाँ हैं, जो दिखाती हैं कि जब हम अपने मानसिक संरचना को संशोधित करते हैं और सकारात्मक दिशा में अपने ध्यान को संचालित करते हैं, तो हम अपने जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण परिवर्तन प्राप्त कर सकते हैं।

एक शेयर ब्रोकर की कहानी:

एक शेयर ब्रोकर जो बचपन से ही शेयर बाजार में दिलचस्पी रखता था। उसका सपना था कि वह अपना खुद का शेयर ब्रोकरेज फर्म खोले।लेकिन उसके पास किसी भी प्रकार के वित्तीय संसाधन नहीं थे। उसने प्रोफेशनल मार्गदर्शकों से मिलकर और पुस्तकों का अध्ययन करके अपने लक्ष्य को प्राप्त करने का निर्णय लिया।उसने अपनी आत्म-सुधार की कला को सीखा, जिसने उसे अपने सपने को साकार करने की ऊर्जा प्रदान की। वह हर दिन अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर होता गया, और समय के साथ उसकी मेहनत और निष्ठा उसे सफलता की ऊँचाइयों तक पहुंचाई।उसने साइबरनेटिक्स के तत्वों का उपयोग किया, जिससे उसका आत्मविश्वास और सोचने का तरीका बदल गया। उसने अपनी भूमिका को स्वीकार किया कि वह क्षमताओं को अधिकतम संपन्न करने के लिए सक्रिय रूप से काम करेगा।आज, वह अपने सपनों के साथी के रूप में अपने खुद के शेयर ब्रोकरेज फर्म को सफलतापूर्वक चला रहा है।

किसी प्रोफेसर की कहानी:

यह प्रोफेसर एक विश्वविद्यालय में शिक्षक थे, जिनका सपना था कि वह अपने छात्रों को समृद्ध और सफल जीवन के लिए तैयार करें।लेकिन उनके पास अपने छात्रों के प्रति सामर्थ्य और उत्साह में कमी थी। उन्हें लगता था कि वे अपने छात्रों को सही दिशा में नहीं ले जा रहे हैं।इसके बाद उन्होंने साइबरनेटिक्स का अध्ययन किया और उसे अपने शिक्षण में शामिल किया। उन्होंने अपने मानसिक संरचना को संशोधित किया और अपने छात्रों के प्रति अधिक सहयोगी और प्रेरणादायक बनने के लिए कठिन प्रयास किया।उनके अद्भुत प्रयासों और सहानुभूति के परिणामस्वरूप, उनके छात्रों की प्रदर्शन शैली में एक सुधार आया। वे अब अधिक उत्साही, संवेदनशील, और सफल छात्र बन गए हैं।

एक महिला ने अपने व्यक्तित्व में सुधार के लिए साइबरनेटिक्स का सहारा लिया। वह अपने दर्शकों के बीच आत्मविश्वास और संवाद की कला में सुधार देखी।

एक छात्र ने पढ़ाई में सफलता प्राप्त करने के लिए स्वयं को संजीवनी दवा के रूप में साइबरनेटिक्स का उपयोग किया। उसने अपनी ध्यानसंचार की क्षमता को बढ़ाया और अच्छे अंक प्राप्त किए।

. एक यात्री ने अपने भय का सामना करने के लिए साइबरनेटिक्स का सहारा लिया और अंत में उसने अपनी यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा किया।

इन कहानियों में दिखाया गया है कि मन की शक्ति (psycho cybernetics) के तकनीकों का प्रयोग करके लोग अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं और सफलता की ओर अग्रसर हो सकते हैं।

मन की शक्ति
मन की शक्ति

मन की शक्ति (psycho cybernetics) में दिए गए 31 नुस्खे और माइंड ट्रेनिंग प्रैक्टिसेस जिन्हे हमें अपने जीवन में सफल होने के लिए और अपने आत्म सुधार के अपनाना चाहिए:

 

  1. सकारात्मक सोच: नकारात्मक विचारों को बदलकर सकारात्मक दृष्टिकोण बनाएं।

 

  1. अपने लक्ष्य का निर्धारण करें: स्पष्ट लक्ष्य बनाएं और उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध रहें।

 

  1. स्वास्थ्य का ध्यान रखें: नियमित व्यायाम, खान-पान और आराम का ध्यान रखें।

 

  1. स्वस्थ मित्रों का चयन करें: सकारात्मक और प्रेरणादायक लोगों के साथ समय बिताएं।

 

  1. स्वतंत्रता की जिम्मेदारी लें: अपने कार्यों और निर्णयों के लिए जिम्मेदारी लें।

 

  1. समय का प्रबंधन करें: समय को उपयुक्त रूप से प्रबंधित करें।

 

  1. सकारात्मक भाषा का उपयोग करें: अपने और दूसरों के लिए सकारात्मक भाषा का उपयोग करें।

 

  1. समस्याओं का समाधान खोजें: हर समस्या को एक अवसर के रूप में देखें और उसका समाधान खोजें।

 

  1. स्वयं को समायोजित करें: अपने विचारों, भावनाओं, और क्रियाओं को संयमित करें।

 

  1. अपने दुख-दुखाई का सामना करें: समस्याओं का सामना करने के लिए सकारात्मक तरीके ढूंढें।

 

  1. स्वयं को स्वीकार करें: अपनी व्यक्तित्व को स्वीकार करें, और खुद के साथ प्यार और समझदारी से व्यवहार करें।

 

  1. स्वयं के संदेशों को सुनें: अपने अंतर्दृष्टि की सुनें और उसके अनुसार कार्य करें।

 

  1. सकारात्मक समृद्धि की स्थापना करें: सकारात्मक संभावनाओं को अपनाकर समृद्धि की स्थापना करें।

 

  1. संगीत का आनंद लें: संगीत का सुनना और बजाना मन को शांति और संतुलन प्रदान करता है।

 

  1. ध्यान का अभ्यास करें: नियमित ध्यान का अभ्यास करें जो मानसिक शांति और स्थिरता प्रदान करता है।

 

  1. अपनी संवेदनशीलता का ध्यान रखें: अपने भावनाओं और भावों की समझ में रहें।

 

  1. स्वयं को अपग्रेड करें: नियमित रूप से सीखें और अपनी क्षमताओं को बढ़ावा दें।

 

  1. सहायता का भाव रखें: दूसरों की मदद करने में खुद को संतुष्टि प्राप्त होगी।

 

  1. सच्चाई और ईमानदारी: सच्चाई का पालन करें और ईमानदारी से कार्य करें।

 

  1. संगीत और साहित्य का आनंद लें: अपने जीवन में कला की रंगत भरें।

 

  1. अपने सपनों को लाइव करें: अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रयास करें।

 

  1. सामूहिक क्रियाओं में भाग लें: समुदाय की भागीदारी से आत्मविश्वास और सामाजिक सहयोग मिलेगा।

 

  1. नियमित अभ्यास: नियमित रूप से व्यायाम और मानसिक ट्रेनिंग का अभ्यास करें।

 

  1. अपने सपनों को वास्तविकता में बदलें: सपनों को साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करें।

 

  1. संग्रहीत ज्ञान का उपयोग करें: अपने ज्ञान और अनुभव का उपयोग करके समस्याओं का समाधान करें।

 

  1. स्वयं के अंदर की शक्ति का अनुभव करें: अपने अंतर्दृष्टि का अध्ययन करें और अपनी आत्मा की गहराई को समझें।

 

  1. नियमित रूप से विश्राम करें: अपने जीवन में नियमित रूप से विश्राम का समय निकालें।

 

  1. दूसरों के साथ भागीदारी करें: अपने अनुभव और संदेशों को दूसरों के साथ साझा करें।

 

  1. स्वयं को समर्थ बनाएं: अपनी क्षमताओं को पहचानें और उन्हें बढ़ावा दें।

 

  1. सफलता की प्रेरणा: सफलता की कहानियों को पढ़कर और सुनकर प्रेरित हों।

 

  1. संतुष्टि का अनुभव करें: अपने जीवन के हर क्षण को संतुष्टि से जीएं और उसे महत्वाकांक्षी और आनंदमय बनाएं।

अपने सपनों को पूरा करने के लिए अपनाएं ये 5 तरीके!

अपने को तनाव मुक्त बनाने के लिए सुनें “The Monk Who Sold His Ferrari” का सारांश

मन की शक्ति (psycho cybernetics) एक आत्म-सहायता पुस्तक है जिसमें लेखक मैक्सवेल माल्ट्ज ने व्यक्तित्व विकास(Personality Development) और सफलता के लिए मानसिक तकनीकों (Mental techniques )को विस्तार से वर्णित किया है। इस पुस्तक में माल्ट्ज ने साइबरनेटिक्स के सिद्धांतों का अनुसरण करते हुए व्यक्ति के मानसिक संरचना (Mental structure )को सुधारने के तकनीकों का विवरण दिया है।

उन्होंने इस पुस्तक में स्व-प्रतिष्ठा और मानसिक दृश्यकल्पना(Mental visualization) के महत्व को बढ़ावा दिया है और बताया है कि व्यक्ति के आंतरिक धारणाओं का सीधा प्रभाव उसकी बाह्य सफलता पर होता है। इस पुस्तक में व्यक्ति को अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मानसिक और भावनात्मक तरीकों का उपयोग करने की विधियों का संदर्भ दिया गया है। यह पुस्तक स्वास्थ्य, सफलता, और संतुलन को समझने के लिए महत्वपूर्ण उपकरण है।

मन की शक्ति (psycho cybernetics) व्यक्तिगत विकास और उन्नति के लिए एक उपयोगी दृष्टिकोण प्रदान करती है। यह हमें हमारी क्षमताओं को समझने और उन्हें अधिकाधिक उपयोग करने में मदद करती है। यह आत्म-छवि, मानसिक प्रतिनिधित्व और लक्ष्य-निर्धारण जैसे क्षेत्रों पर जोर देती है। इसलिए हम सभी को अपने आत्म सुधार और सफलता के लिए इसे अपना चाहिए।

 

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